Poem - HELP YOU

Breaking

Home Top Ad

www.youtube.com/rupeshkumarvideo

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, 20 September 2016

Poem

                 कबिता
#~डुबकियाँ सिंधु मे गोताखोर लगता है,
जा-जाकर खाली हाथ लौट आता है,
मिलते न सहज ही मोती गहरे पानी में,
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नही होती,
कोशिश करने वालो की हार नही होती।

#~लहरों से डरकर नौका पार नही होती,
कोशिश करने वालो की हार नहीं होती।

#~नन्हीं चींटी दाना लेकर चलती है,
दीवारों पर चढ़ती,सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रंगौ मे साहस भरता हैं,
चढ़कर गिरना गिरकर चढना न अखरत्ता है।
आखिर उसकी मेहनत बेकार नही होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

#~असफलता एक चुनौती है,स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो।
जबतक न सफल हो,नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्षो का मैदान छोड़ मत भागो तुम।
कुछ किए बिना ही जय-जयकार नही होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages